टीकाकरण कैलकुलेटर

क्या आपके बच्चे ने सभी ज़रूरी टीके लगवा लिए हैं?

बस अपने बच्चे की जन्म तिथि दर्ज करें और तुरंत जानें कि अब तक कौन-कौन से टीके लग जाने चाहिए थे।

ध्यान रखें – समय पर और पूरा टीकाकरण ही आपके बच्चे की पूरी सुरक्षा है।

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क्या आपको पता है?

अपनी टीकाकरण से जुड़े सवालों के जवाब जानिए सुई माँ से।

प्रश्न पढ़ें

टीका - जन्म का पहला तोहफा!

Mummy ko pata nhi hai.. ki lori ka syllabus update ho gya hai😂#TeekaHaiAchcha #THA #GharGharTee

Chor machaye shor,Maa ne chura liya apna hi bachcha,11 beemariyon se teekakaran ne di suraksha,Y...

“Yaadon ka pitara bhi kehta hai — sehat sabse bada tohfa hai.” Yaad rakho — Teeka hai achcha!#Te

अपने बच्चे को सिर्फ़ नज़र का टीका नहीं, बीमारियों से बचाने वाला टीका भी ज़रूर लगवायें। पोलि

Humara lalla ab bimariyon se bach kar bada hoga! ✨ Sampoorn teekakaran hai zaruri aur hum uske...

Fasal bhi achchi, Bachcha bhi Swasth5 saal mein 7 baar, chhootna nahi chahiye teeka ek bhi baar.

Maa ki baat maano! Teeka lagwana sabse bada suraksha kavach hai, lekin usse bhi badi suraksha ha

टीका - जन्म का पहला तोहफा! टीबी, खसरा, पोलियो जैसी गंभीर बीमारियों से सुरक्षा।प्रशिक्षित और

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न पढ़ें

आपके लिए ज़रूरी जानकारी

टीकाकरण बच्चे को कुछ विशेष और गंभीर रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है, जिनसे संक्रमित होने पर बच्चा गंभीर रूप से बीमार पड़ सकता है या उसकी मृत्यु भी हो सकती है

टीका लगने के बाद जो सुरक्षा मिलती है, वो कई सालों तक बनी रहती है और कई बीमारियों से बचाने में मदद करती है। अगर टीका लगने के बाद भी बच्चे को कोई बीमारी हो जाए, तो उसके लक्षण हल्के होते हैं, उस बच्चे के मुकाबले जिसे टीका नहीं दिया गया हो। कुछ टीकों के लिए, बच्चे को एक तय उम्र में बूस्टर डोज़ दी जाती है, जिससे उसकी बीमारियों से लड़ने की क्षमता लंबे समय तक बनी रहे।

बच्चे/शिशुओं को जन्म के तुरंत बाद ही टीका लगवाना शुरू कर देना चाहिए। कुछ ज़रूरी टीके जैसे बीसीजी, पोलियो और हेपेटाइटिस-बी (जो माँ से बच्चे को हो सकता है) — ये सब जन्म के समय ही लगाए जाते हैं, ताकि बच्चा शुरू से ही सुरक्षित रहे।

टीकाकरण के बाद हल्का बुखार आना सामान्य बात है। यह इस बात का संकेत होता है कि वैक्सीन बच्चे के शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) पर असर कर रही है और शरीर रोग से लड़ने के लिए तैयार हो रहा है।

यह बुखार आमतौर पर हल्का होता है और 1–2 दिनों में अपने आप ठीक हो जाता है। इस समय बच्चे को आराम देने के लिए स्वास्थ्य कर्मी द्वारा दी गई पैरासिटामोल की खुराक बच्चे को दें।

कुछ बच्चों को टीकाकरण के बाद बुखार नहीं होता, यह भी सामान्य बात है। इसका मतलब यह नहीं कि वैक्सीन असर नहीं कर रही है। ऐसे मामलों में दोबारा टीका लगवाने की कोई जरूरत नहीं होती।

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